मैच के बाद रोहित ने कहा- यह खिलाड़ी हमेशा मुश्किल परिस्थिति से टीम को बाहर निकाल लेता है !

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का आखिरी मैच रांची में खेला जा रहा है। इस टेस्ट मैच के दूसरे दिन भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी 497 रनों पर घोषित कर दी है। भारतीय टीम की तरफ से अजिंक्य रहाणे ने 115 रन और रोहित शर्मा ने 212 रनों की धमाकेदार पारी खेली। दोहरा शतक लगाने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित शर्मा ने क्या कहा ? आइए जानते हैं :-

रोहित शर्मा जब 199 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब लंच की घोषणा हो गई थी। जिसके बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्रिकेट के खेल का नियम है। हम उस वक्त ज्यादा कुछ नहीं कर सकते थे। मैं यह नहीं बोलूंगा कि वह अच्छा नहीं था। क्योंकि यह खेल का नियम है। एक सत्र समाप्त होने का समय था और वह अपने समय पर समाप्त होगा। मेरी तरफ से मैं इन्हीं सब चीजों को सोच रहा था। क्योंकि मैं जानता था कि जब समय आएगा तो यह अपने आप हो जाएगा। मैं सकारात्मक रहने की कोशिश कर रहा था। मैं खुश होकर नाबाद 199 रनों पर बल्लेबाजी करते हुए पवेलियन वापस लौटा और मैं किसी भी दिन यह स्कोर लेने के लिए तैयार हूं।

अजिंक्य रहाणे के साथ की गई साझेदारी के बारे में रोहित ने कहा कि हमारा प्लान बिल्कुल साधारण सा था। हम जानते थे कि इस विकेट पर गेंदबाजों के लिए कुछ मदद है और हम जानते थे कि दूसरे सेशन में रन बनाना हमारे लिए आसान हो जाएगा। इस वजह से हम पहले सेशन में सावधानीपूर्वक खेलना चाहते थे। इसके बाद आप देख सकते हैं कि हम इस वक्त कहां खड़े हैं।

अजिंक्य रहाणे की बल्लेबाजी के बारे में रोहित ने कहा हम लोग अजिंक्य को काफी समय से बल्लेबाजी करते हुए देख रहे हैं और जिस तरह से उनका टेस्ट कैरियर आगे बढ़ रहा है। जब कभी भी टीम मुश्किल परिस्थिति में होती है। वह आगे बढ़ कर टीम को मुसीबतों से निकालते हैं। उन्होंने एक दो बार नहीं बल्कि कई बार कई पारियों में ऐसा किया है। यह दिखाता है कि वह मानसिक रूप से कितने मजबूत हैं और रनों के लिए वह कितने भूखे हैं। वह टीम को मुसीबतों से निकालने में सक्षम है।

रोहित ने आगे कहा हमने उन्हें भारत से बाहर बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए देखा है और अब हम उन्हें भारत में भी बेहतर बल्लेबाजी करते हुए देख रहे हैं। ऐसे में उनका टेस्ट ग्राफ काफी ऊपर की तरफ जा रहा है और टीम के लिए इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता है। क्योंकि यदि आपका मध्यक्रम मजबूत हो जाता है तो किसी भी परिस्थिति में आपको भरोसा रहता है कि एक खिलाड़ी है जो अपना हाथ खड़ा करके टीम को आगे की तरफ ले जाएगा।