मैन ऑफ द मैच कौन तय करता है, 95% क्रिकेट प्रेमी नही जानते

आज आपको क्रिकेट के उस पहलू के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसके बारे में बड़े-बड़े क्रिकेट फैन्स भी नहीं जानते होंगे। जी हाँ क्रिकेट एक ऐसा खेल हैं जिनका जुनून पूरी दुनिया पर चडा हैं। दुनिया भर ने क्रिकेट खिलाड़ियों को अपनी नज़र पर बिठा रखा है। भारत में क्रिकेट के फैन्स सबसे ज्यादा हैं इसका अंजाजा इस से लगया जा सकता है की जब भी भारत में कोई मैच होता हैं। तो कई दिन पहले टिकट खरीद ले रहे हैं। मैच ऑफ होने के पहले से लेकर प्रजेंटेशन तक स्टेडियम में रुकते हैं। इस बीच स्टेडियम में बैठे क्रिकेट प्रेमी मैच का आनंद लेते हुए अनुमान लगते हैं की चौका और छक्का कौन लगाएगा। आज शतक कौन सा खिलाड़ी बनायेगा और मैच कौन जीतेगा।इसके साथ-साथ जब मैच ख़त्म हो जाते हैं क्रिकेट फैन्स मैन ऑफ़ द मैच का अनुमान लगा लेते हैं।
अगर आप क्रिकेट प्रेमी हैं तो आपको पता होगा कि हर मैच के बाद मैन ऑफ द मैच चुना जाता है। इसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाडी को मैन ऑफ द मैच चुना जाता है। इसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को मैन ऑफ द मैच चुना जाता है. तो ज्यादातर विजेता टीम को मैन ऑफ द मैच चुना जाता है। लेकिन कभी यह अवार्ड हारने वाली टीम के खिलाड़ी को भी दिया जाता है। क्या आपको मालूम हैं किस आधार पर मैन ऑफ द मैच का अवार्ड दिया जाता हैं.मैंन ऑफ मैच कौन तय करता हैंआमतौर पर मैन ऑफ द मैच का खिताब अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है। लेकीन कई बार हारने वाली टीम को मैन ऑफ द मैच चुना गया गया होकी आप जानते नहीं होंगे की मैन ऑफ द मैच चुनने का फैसला कौन लेता है। सवाल का जवाब 90 प्रतिशत लोगों को नहीं फटा होगा हम आपको बताते हैं की मैन ऑफ द मैच द मैच कौन चुनता हैं।
आपको बता दे मैन ऑफ द मैच चुनने के लिए एक पैनल बनाया जाता है। इस पैनल में मैच के दौरान कमेंट्री कर कमेंटेटर्स शामिल होते हैं। साथ ही वे लोग होते हैं जो मैच पर पैनी नजर रखते हैं ।जिनके पास मैच की अच्छी जानकारी होती हैं। इस पैनल के सदस्य वोट करते हैं। जिस खिलाड़ी के पक्ष में ज्यादा वोट आते हैं। उसे मैन ऑफ द मैच चुने जाते हैं।अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच मैन ऑफ द मैच चुनने की विधि है। इस मैच में कमेंट करने वालों के अलावा पूर्व खिलाड़ी और मैच रेफरी भी शामिल हैं। नॉट वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में, मैन ऑफ द मैच या मैन ऑफ़ द सीरीज़ चुनने के लिए एक अलग समिति बनाई जाती है। और फिर यह तय हो गया कि मैच का मैन कौन बनेगा।