संथाल और मुंडा समुदाय की शादी की रस्मों में वधु और वर की छोटी अंगुली से थोडा सा लहू निकाला जाता है. इस खून को मिलाकर एक दूसरे के माथे पर लगाया जाता है. लहू गहरे मेल और जीवन में साझेदारी का आधारभूत प्रतीक है.