ये हैं भारत के सबसे कम पढ़े लिखे नेता, कुछ 10वीं फेल तो कुछ हैं अनपढ़

भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक देश है जहां हम जनता के वोट के जरिए हमारे जन-प्रतिनिधिय़ों का चुनाव करते हैं। चुनाव लड़ने के लिए हमारे देश में एजुकेशनल गाइडलाइन तो बनी हुई है लेकिन इसके बाद भी हमारे सामने कुछ ऐसे नेता आज भी हैं जिनकी एजुकेशन क्वालिफिकेशन देखकर आप हैरान हो जाएंगे।

हालांकि इस बात पर बहस हो सकती है कि क्या एक नेता बनने के लिए आपको पढ़ा-लिखा होना जरूरी है या नहीं? कुछ नेताओं ने बिना पढ़े-लिखे भी काफी अच्छे काम किए हैं तो कुछ पढ़े लिखे होने के बाद भी कुछ नहीं कर पाए। आज हम आपको कुछ ऐसे नेताओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिनको जानकर आपको लगेगा कि हां आज भी भारत को बहुत शिक्षित राजनेताओं की जरूरत है।

फूलन देवी-


एक समय में खूंखार डाकू रहने वाली फूलन देवी अपनी जिंदगी में कभी स्कूल नहीं जा पाई। जब वह बहुत छोटी थी तो एक बूढ़े आदमी से उनको शादी करने के लिए मजबूर होना पड़ा। आत्मसमर्पण करने और पेरोल पर रिहा होने के बाद, उन्होंने राजनीति करियर शुरू करने के लिए समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं और मिर्जापुर से संसद सदस्य बन गईं।

राबड़ी देवी-


लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी की 14 साल की उम्र में शादी हो गई थी। राबड़ी देवी के पास किसी भी तरह की औपचारिक शिक्षा नहीं है। उनको 1997 में अपने पति लालू प्रसाद यादव द्वारा राजनीति में लाए जाने के बाद वो कभी एजुकेशन नहीं ले पाई। अनुभव या शिक्षा के बिना भी वह बिहार की मुख्यमंत्री बनी।

विजयकांत-


अभिनेता से बने एक राजनेता बने विजयकांत ने 2011 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीत कर राजनीति में कदम रखा। विजयकांत सिर्फ क्लास बारहवीं तक ही पढ़े हुए हैं इसके बाद वो अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाए थे।

जयललिता-


राजनीति में कई मुकाम हासिल करने वाली जयललिता भी कुछ समय पहले एक अभिनेत्री ही थी। जयललिता भी मैट्रिक के बाद अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पाई थी। इसके बाद वो फिल्मों में लग गई और फिर राजनीति में कदम रख लिया।

गोलमा देवी-


राजस्थान के किरोड़ी लाल मीणा जो कि मीणा समुदाय के काफी बड़े नेता माने जाते हैं। उनकी पत्नी, गोल्मा देवी अपने पति के कनेक्शन के कारण एक विधायक की सीट तक जा पहुंची। लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि अपने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान वो अपनी शपथ तक नहीं पढ़ पाई थी।

एम. करुणानिधि-


तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री कभी भी कॉलेज नहीं गए। वे क्लास 10 के बाद आगे कभी नहीं पढ़ पाए लेकिन लेखन में उनको एक महान प्रतिभा थी और उन्होंने तमिल फिल्मों के लिए कई स्क्रीनप्ले भी लिखे हैं।