ये है दुनिया का सबसे अमीर गांव, जहाँ हर व्यक्ति के अकाउंट में जमा है करोड़ों रुपये

गांव का नाम आते ही हमारे दिमाग में खेत, नदी, पेड़-पौधे की छवि बनने लगती है. गांव में अक्सर लोग अपनी छुट्टियां बिताने जाते हैं. यहां का ताज़ा वातावरण लोगों के दिमाग को भी फ्रेश कर देता है. गांव में शहरों के मुकाबले ज्यादा शांति होती है. यहां लोग सुकून की जिंदगी जीते हैं और किसी भागदौड़ में नहीं फंसे होते. शहर के लोगों की आधी जिंदगी तो भागदौड़ में ही निकल जाती है. गांव का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में गरीब, भूखे-नंगे लोगों की तस्वीर बन जाती है. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे गांव के बारे में सुना है जहां का हर व्यक्ति करोड़पति है? जी हां, दुनिया में एक गांव ऐसा भी है जहां का हर व्यक्ति करोड़पति है. अब तक लोग दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के बारे में जानते होंगे लेकिन आज के इस पोस्ट में हम आपको दुनिया के सबसे अमीर गांव के बारे में बताने जा रहे हैं. आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि इस गांव के हर व्यक्ति के अकाउंट में करोड़ों रुपये जमा है.

चीन में स्थित है ये गांव

आपको बता दें, ये गांव चीन में स्थित है. इस गांव में रहने वाले हर व्यक्ति के पास अपना एक आलिशान बंगला और गाड़ी है. इतना ही नहीं, यहां के हर व्यक्ति के अकाउंट में करोड़ों रुपये जमा है. चीन के जियांगसू प्रोविंस के वाक्शी गांव को दुनिया का सबसे अमीर गांव कहा जाता है.

चीन में ये गांव ‘सुपर विलेज’ के नाम से भी प्रसिद्ध है. आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि इस गांव के लोगों के पास हेलीकाप्टर, टैक्सी और थीम पार्क भी मौजूद है. यहां की सडकें इतनी साफ़ हैं कि साफ़-सफाई देखकर आपकी आंखें चौंधिया जायेंगी. यहां पर आसमान में हर दूसरे मिनट हेलीकाप्टर का उड़ान भरना बेहद आम बात है. ये सब सुनकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस गांव में रहने वाले लोग कितने अमीर होंगे.

हर व्यक्ति के खाते में है 85 लाख

इस गांव ने आधुनिकता के मामले में शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है. जो नयी-नयी तकनीकें यहां मौजूद हैं वह भला किसी शहर में क्या होगी. इस गांव में रहने वाले बच्चे से लेकर बूढ़े अप टू डेट हैं. इस गांव में तकरीबन 2000 लोग रहते हैं और लगभग हर आदमी के बैंक में 85 लाख रुपये की जमा राशि है. बता दें, 1961 में यह गांव बहुत गरीब हुआ करता था.

एक व्यक्ति की काफी कोशिशों के बाद यह गांव आज इस मुकाम तक पहुंचा है. जिस व्यक्ति ने इस गांव को फर्श से अर्श तक पहुंचा दिया है उनका नाम वू रेनबाओ है. वू रेनबाओ कम्युनिस्ट पार्टी के लोकल सेक्रेटरी हुआ करते थे. इन्होंने ही समृद्धि प्लान बनाया और यहां इंडस्ट्री लगाये. इनकी वजह से ही सामूहिक खेती को बढ़ावा मिला. इस गांव के लोग 80 फ़ीसदी आय टैक्स के रूप में देते हैं. इसके बदले उन्हें काफी सुविधाएं भी उपलब्ध करायी जाती है. वू रेनबाओ का निधन साल 2013 में हो गया था. वह कहा करते थे कि “सही समाजवाद वह है, जिसमें 100 में से 98 लोग खुश रहें”.