रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, आज ऐलान करने के पीछे की यह है बड़ी वजह

रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, आज ऐलान करने के पीछे की यह है बड़ी वजह

अयोध्या. देश के सबसे चर्चित और विवादित अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले (Ram Mandir Babri Masjid Verdict) में आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला (Ayodhya Verdict) सुना रही है। आपको बता दें कि अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद देश की सर्वोच्च अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। तभी से यह कयास लगाये जा रहे थे कि प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने से पहले इस मामले में फैसला आ जाएगा और आज हुआ भी वही।


तारीख को लेकर था सस्पेंस

दरअसल न्यायमूर्ति रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। वैसे तो देश की सर्वोच्च अदालत किसी भी दिन बैठकर मामले को सुन सकती थी और फैसला (Ayodhya Faisla) दे सकती थी। लेकिन फिर भी 17 नवंबर को रविवार है और सामान्यत: इतने बड़े मामलों में फैसला अवकाश के दिन नहीं आया करता। साथ ही जिस दिन सीजेआई रंजन गोगोई सेवानिवृत्त हो रहे हों, उस दिन भी बड़े मामलों में फैसले आमतौर से नहीं सुनाए जाते। वहीं इससे पहले 16 नवंबर की आगर बात करें तो उस दिन शनिवार का अवकाश भी है। ऐसे में रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) का अंतिम कार्यदिवस 15 नवंबर को पड़ रहा है।


यह भी लगाए जा रहे थे अनुमान

फैसले की तारीख को लेकर कयास यह लगाए जा रहे थे कि अयोध्या मामले का फैसला (Ayodhya Dispute) न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ 14 या 15 नवंबर को सुना सकती है। लेकिन इस तारीख को लेकर भी एक पेंच फंस गया। आम तौर से अदालत किसी फैसले को सुनाती है तो उससे संबंधित कोई तकनीकी गड़बड़ी पर अगले दिन वादी या प्रतिवादी में से कोई भी एक बार फिर से अदालत की शरण लेकर इस गड़बड़ी को दूर करने की गुहार लगाता है। इसमें भी एक या दो दिन लग जाते हैं। इस मामले में 14-15 नवंबर को फैसले की स्थिति में यह एक-दो दिन फिर खिसक कर 16-17 नवंबर हो जाते।

ताकि न मिले खुराफात के लिये समय

इसीलिये अयोध्या मामले (Ayodhya Case) पर फैसला आज यानी शनिवार सुबह आया। माना जा रहा है कि फैसले की तारीख को लेकर अचानक किया गया ऐलान एक सुविचारित रणनीति का हिस्सा है कि इस बेहद संवेदनशील, भावनाओं और आस्थाओं से जुड़े मामले में असामाजिक तत्वों को किसी तरह की खुराफात के लिए तैयारी का मौका न मिल सके और इसीलिए शुक्रवार की रात ऐलान किया गया कि एक रात के कटने के बाद शनिवार की सुबह होने के साथ ही मामले में फैसला सुना दिया जाएगा।

Source: patrika