राहत इंदौरी के निधन पर नहीं किया पीएम ने कोई ट्वीट’, पत्रकार ने लिखी ये बात तो गालियां देने लगे ट्रोल

राहत इंदौरी को पीएम द्वारा श्रद्धांजलि ना देने वालों का कहना था कि वह हमेशा देश के खिलाफ लिखते थे। ऐसे लोगों ने ये भी लिखा कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ वह देशद्रोहियों के साथ खड़े थे।

मशहूर शायर और गीतकार राहत इंदौरी का मंगलवार, 11 अगस्त को निधन हो गया। 70 साल के राहत इंदौरी कोरोना संक्रमित थे। हालांकि उनके निधन का कारण हृदय घात को बताया गया है। राहत इंदौरी के निधन पर देशभर में लोग गमज़दा हैं। फैंस सोशल मीडिया में अपने पसंदीदा शायर को याद करते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इन सबके बीच कुछ लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहत इंदौरी की मौत पर ना तो कुछ कहा औऱ ना ही ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी।

सोशल मीडिया में कई लोगों ने इस बात की ओर इशारा किया कि राहत इंदौरी मुसलमान थे इसीलिए प्रधानमंत्री ने संवेदना व्यक्त नहीं की। इसी मुद्दे पर कुछ पत्रकारों ने भी ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि पीएम मोदी ने अभी तक राहत इंदौरी के निधन पर शोक व्यक्त नहीं किया। इनके ट्वीट पर कुछ लोग उन्हें ही ट्रोल करने लगे औऱ गालियां देने लगे। साथ ही राहत इंदौरी के लिए भी बेहद अपमानजनक टिप्पणियां करने लगे।

पत्रकार और फिल्मकार विनोद कापड़ी ने ट्वीट किया- राहत इंदौरी के लिए देश के प्रधानमंत्री की तरफ से कोई श्रद्धांजलि दिखी क्या  इस पर कमेंट करते कुछ यूजर्स ने विनोद कापड़ी से सहमति जताई तो वहीं कुछ लोग लिखने लगे कि वो तो देश के खिलाफ लिखते थे। उनके लिए आखिर क्यों पीएम श्रद्धआंजलि दें। वहीं कुछ यूजर्स ने लिखा कि राहत इंदौरी ऐसे कौन से नामी शख्स थे जिनके लिए पीएम ट्वीट करें। कुछ यूजर्स तो गालियां तक देने लगे==

राहत इंदौरी को पीएम द्वारा श्रद्धांजलि ना देने वालों का कहना था कि वह हमेशा देश के खिलाफ लिखते थे।वहीं इस मुद्दे पर कई यूजर्स ने लिखा कि राहत इंदौरी की शख्सियत इतनी बड़ी थी कि उन्हें किसी की श्रद्धांजलि की जरूरत नहीं।

बता दें कि राहत इंदौरी पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि वह कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इस ट्वीट के चंद घंटों बाद शाम में ट्वीट पर खबर आई कि राहत इंदौरी नहीं रहे। राहत इंदौरी का नाम देश के सबसे पॉपुलर उर्दू शायरों में शुमार था।