रिश्तों को तार-तार करने वाली खतरनाक सच्ची प्रेम कहानी, पढ़ने के बाद आपको भी नफरत हो जायेगी

नवी मुम्बई के पारगाव डु़ंगी इलाके में मकान नंबर 266/83 में एक लड़की की लाश पड़ी थी। लाश के आस पास पड़े खून से पता चल रहा था कि उसकी ह्त्या 8 -9 घंटे पहले की गई है। मकान के मालिक मानिक चौरसिया को जब पता चला तो उसने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस तुरंत मौके पर आ गई और मानिक द्वारा उस लड़की की पहचान आशिमा नाम से की गई। वह बहुत ही खूबसूरत और एक जवान लड़की थी। पुलिस ने पंचनामा करने के बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। आखिर कौन थी आशिमा और किसने किया था उसका खून। आइये जानते हैं।

हिमाचल प्रदेश के शंगढ़ गाँव में तौफीक अहमद रहते थे। उनकी पत्नी का इंतकाल हो चुका था। उनके दो बच्चे इलियास अहमद और आशिमा नाम के दो बच्चे थे। इलियास जब 15 साल का था और आशिमा 7 साल की, उसी समय उनके अब्बू तौफीक का इंतकाल हो गया। गाँव जंगल के पास था तो उन दोनों बच्चों को काफी यातनाएं मिलती रहतीं थी और भरपेट खाना भी नहीं मिल पाता था। एक दिन इलियास और आशिमा घर छोड़ कर मुंबई आ गए। कई दिनों तक रोड पर भटकने के बाद मानिक ने उसे अपना कमरा दिया। इलियास सिलाई में काफी होशियार था। इस लिए जल्द ही उसकी नौकरी लग गई। इलियास ने अपनी बहन आशिमा को पढ़ाया और काफी रुपया भी कमाया। अब उनकी जिन्दगी अच्छी तरह से कट रही थी।

जून 2019 को इलियास ने आशिमा को एक लड़के के साथ काफी बुरी स्थिति में पकड़ लिया। उसने आशिमा की खूब पिटाई भी की। इसके बाद आशिमा ने उस लड़के से मिलना छोड़ दिया। इलियास सुबह निकल जाता और शाम को घर वापस आता था। 25 अक्टूबर 2019 को इलियास ने आशिमा को फिर उस लड़के के साथ घूमते हुए देख लिया। उसका खून खौल गया और रात में ही आशिमा को शबक सिखाने का प्लान बना लिया। इलियास खुद आशिमा से बहुत प्यार करता था और उसी से शादी भी करना चाहता था किन्तु उसका एक तरफा प्यार था। वह कभी आशिमा से बोल नहीं पाया था किन्तु उसे कोई छुए ये इलियास को बर्दास्त नहीं था।