लगन से एक दिन पहले मांगा 30 लाख रुपये का दहेज, लड़की के पिता ने शादी के कार्ड पर सुसाइड नोट लिख दी जान

सुसाइड नोट (Suicide Note) में लड़की के पिता कैलाश ने लिखा कि अपनी इज्जत के लिए वर पक्ष के पास गए थे, लेकिन वे दहेज की मांग पर अड़े रहे.

लगन से एक दिन पहले मांगा 30 लाख रुपये का दहेज, लड़की के पिता ने शादी के कार्ड पर सुसाइड नोट लिख दी जान

. हरियाणा के रेवाड़ी जिले में सामाजिक तानेबाने को झकझोड़ने वाला मामला सामने आया है. यहां लगन से एक दिन पहले लड़की के पिता से लड़के वालों ने 30 लाख रुपए का दहेज मांग लिया. इससे परेशान और दुखी होकर लड़की के पिता ने अपनी बहन के घर जाकर फंदा लगाकर जान दे दी. रेवाड़ी के खोल क्षेत्र के गांव पाड़ला निवासी बेटी की शादी का जो कार्ड बहन को देने आए थे, उसी पर सुसाइड नोट लिखकर आत्‍महत्‍या कर ली. सुसाइड नोट में मृतक ने वर पक्ष द्वारा दहेज की मांग को जान देने की वजह बताया है.

मृतक ने सुसाइड नोट में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से अपील करते हुए लिखा है कि दहेज के ऐसे लोभियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. बता दें कि ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले पाड़ला निवासी कैलाश तंवर ने अपनी बेटी का रिश्ता गुरुग्राम के कासन निवासी सुनील कुमार के बेटे रवि से तय किया था. बेटे गौरव का रिश्ता राजस्थान के दौसा में तय किया था. 25 नवंबर को बेटी की शादी थी. परिजनों का आरोप है कि वर पक्ष की तरफ से बिचौलिया के माध्यम से 30 लाख के दहेज की मांग की जा रही थी.

लड़केपक्षलगेगंभीरआरोप
/
आरोप है कि वर पक्ष ने कहा कि जब 30 लाख रुपये की शादी नहीं कर सकते हो तो घर लगन लेकर मत आना. कैलाश चंद ने 13 से 15 लाख रुपए तक का खर्चा करने की तैयारी की थी. कैलाश 19 नवंबर को अलवर के गांव बूढ़ी बावल निवासी बहनोई चेतराम व भांजे के साथ वर पक्ष से मिलने गए और मजबूरी बताई लेकिन वो नहीं मानें जिसके बाद कैलाश बहनोई के साथ ऑफिस में ही सो गया. बहनोई सुबह जल्दी उठकर घर चले गए. बहनोई चाय लेकर वापस ऑफिस पहुंचे तो कैलाश फंदे पर लटका था सूचना के बाद अलवर की टपूकड़ा पुलिस मौके पर पहुंची. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया

चार लोगों को ठहराया जिम्‍मेदार

.मरने से पहले कैलाश ने शादी के कार्ड में एक सुसाइड नोट लिखा. इसमें उन्‍होंने लिखा कि मैंने लड़की का रिश्ता कासन निवासी सुनील कुमार के बेटे रवि से कर रखा था. मैंने सभी तैयारियां कर रखी हैं. मैं अपनी हैसियत के हिसाब से 13 से 15 लाख रुपए लगाने को तैयार था, लेकिन सुनील, गांव अलियर निवासी उसका साढू पूर्व सरपंच मामचंद और विनय पाल के अलावा मंजू देवी बार-बार दहेज के लिए परेशान कर रहे हैं. मैं इतना खर्चा नहीं कर सकता. मैं समाज में अपनी इज्जत बचाने के लिए कासन गया, लेकिन उन लोगों ने रिश्ते के लिए मना कर दिया. मैं अब समाज में जिंदा नहीं रह सकता. मेरी मौत के जिम्मेदार सुनील कुमार, मामचंद, विनयपाल और मंजू देवी हैं.

पीएम और सीएम को आखिरी बार राम-राम
कैलाश ने सुसाइड नोट में आगे लिखा, ‘मेरी मुख्यमंत्री और प्रमुख बुद्धिजीवियों से विनती है कि इस प्रकार के लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएं. मेरा जो लेनदेन है, वह इस प्रकार से है. गाड़ी टाटा-407 है, जिनके नं. एचआर 47सी 9965 और 2748, आज से उनका मालिक मेरे वारिस हैं. कृपया मेरा आखिरी प्रणाम, मोदी जी, मनोहर लाल जी, अशोक गहलोत जी, भंवर जितेंद्र सिंह जी आपको मेरी तरफ से आखिरी राम-राम.’