लीवर खराब होगा तभी मिलेंगें ऐसे संकेत, राहत पाने के लिए आइये विस्तार से समझें

लीवर की शुद्धता में कमी तुरंत नहीं आती है बल्कि धीरे-धीरे जानें अनजाने हुई लापरवाही अथवा अज्ञानता का परिणाम है। झटका देने वाली बात ये है की खराब लीवर को बेहतर बनाने की प्रक्रिया में सख्त परहेज वो भी तकरीबन 1 महीने का किया जाना आवश्यक है।

बता दें की लीवर की समस्या से अंग्रेजी दवाईयों के सहारे कुछ समय आराम मिल जाता है किंतु स्थाई उपचार के लिए समय पर नींद लेना, सादा भोजन चिकनाई से मुक्त तथा योग आदि करना जरूरी है नहीं तो खानापूर्ति परहेज का कोई महत्व नहीं रह जाता है तथा एक समय ऐसा आता है जब पानी भी ठीक से हजम नहीं हो पाता है।

उदारहण के माध्यम से समझें तो खराब लीवर की समस्या होने पर भोजन नली में होने वाला आभास वैसा ही होता है जैसा मुंह में पेप्सी डालने पर होता है और ऐसे हालातों में उबाक और बदबू आने लगती है पर हमें जो करना चाहिए उसकी व्याख्या इस प्रकार है।

हल्दी वाला दूध खराब लीवर के कारकों को बढ़ने से न केवल रोकता है बल्कि रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करके बॉडी में मौजूद हानिकारक तत्वों को बाहर का रास्ता दिखाता है।

आंवले का सेवन भी इस समस्या में कारगर माना गया है जिसके नियमित सेवन से राहत निश्चित रूप से मिलती है वहीं कुछ लेख पपीते के सेवन का जिक्र करते है वैसे इसे हर समस्या में फायदेमंद माना गया है। आने वाले कुछ ही समय में पालक मार्केट में होगी तब उसका सेवन दवाई रूप में आप करेंगें तो मिलने वाले नतीजे आपके हित में होंगे।

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