वादे के पक्‍के निकले बीरेंद्र सिंह, राज्‍यसभा से दिया इस्तीफा, चुनावी राजनीति से संन्‍यास का भी ऐलान

चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्‍होंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा सौंपा है.

 पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सदस्य चौधरी बीरेंद्र सिंह (Chaudhary Birender Singh) ने राज्यसभा सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्‍होंने अपना त्‍यागपत्र राज्‍यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू (Vice President Venkaiah Naidu) को सौंपा है. उपराष्ट्रपति को इस्तीफा (Resignation) सौंपने के बाद चौधरी बीरेंद्र सिंह कार्यकर्ताओं के बीच उचाना पहुंचे. बीरेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओ से कहा, ‘मैंने बृजेन्द्र को हिसार से सांसद का चुनाव लड़वाने के समय जो वादा किया था उसको पूरा किया है.’

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बेटे के सांसद बनने के बाद उन्‍होंने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा सौंपा है. बीरेंद्र सिंह ने इसके साथ ही यह भी ऐलान कर दिया कि अब वह चुनाव नहीं लड़ेंगे. हालांकि, उन्‍होंने प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहने की बात कही है. बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता ने दावा किया कि हरियाणा में आने वाले चुनावों में वह 45 से 50 सीट बांटेंगे.

बीरेंद्र सिंह ने कहा कि नैना चौटाला और अनूप धानक ने विधानसभा भंग होने के वक्‍त इस्तीफा दिया था, लेकिन मेरे पौने तीन साल का कार्यकाल बाकी था. इसके बावजूद उन्‍होंने राज्‍यसभा से इस्‍तीफा दे दिया. चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि अब वह गरीब वर्ग की लड़ाई लड़ेंगे.

‘पहली बार हिसाब-किताब गड़बड़ाया’

बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वह हर चुनाव में हिसाब-किताब लगा लेते थे, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ जब खुद का हिसाब-किताब गड़बड़ाया है. वह छह चुनाव जीते भी हैं तो तीन हारे भी हैं. उन्‍होंने कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार है. ऐसे में कार्यकर्ताओं को मायूस होने की जरूरत नहीं है. भाजपा से उम्मीदवार रही प्रेमलता पहले की तरह आप लोगों बीच रहकर जो विकास कार्य हो रहे हैं, उनमें तेजी लाएंगी.