शादी के बाद अफेयर चलाने के लिए भारतीयों का सहारा बनी ये ऐप

एक्स्ट्रा-मैरिटल डेटिंग एप ग्लीडेन इन दिनों लाइमलाइट में बनी हुई है। इस ऐप को लेकर हाल ही में  सर्वे किया गया जिसके अधार पर मालूम हुआ कि करीब 8 लाख भारतीयों ने ग्लीडेन पर रजिस्ट्रेशन कराया है। महिलाओं की संख्या भी पुरुषों के बराबर ही मिली है। कहा जा रहा है कि अधिकतर बेंगलुरु शहर के लोगों ने इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराया है। ये सर्वे जनवरी के पहले हफ्ते में किया गया था जब लोगों की छुट्टियां खत्म हो चुकी थीं और बच्चों के स्कूल खुल गए थे। नवंबर 2019 में हुए सर्वे में ग्लीडेन पर रजिस्ट्रेशन करने वाले लोगों में मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, गुड़गांव, अहमदाबाद, जयपुर, चंडीगढ़, लखनऊ, नोएडा, नागपुर, सूरत और भुवनेश्वर के लोग सबसे ज्यादा थे। शादीशुदा जिंदगी में नाखुश पुरुष और महिलाओं के लिए फ्रांस का ये ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म एक लाइफलाइन बन गया है। एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की तलाश करने वाले विवाहितों के लिए ग्लीडेन दुनिया की सबसे बड़ा प्लैटफॉर्म बन गया है। इससे पहले भी ग्लीडेन के मार्केटिंग स्ट्रेटजिस्ट सोलीन पैलेट बता चुकी हैं कि भारत की महिलाओं में इस एप की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. पिछले साल ग्लीडेन के भारतीय यूजर में 25 फीसदी महिलाएं थीं, जो आज बढ़कर 35 फीसदी हो गई हैं. इससे जाहिर होता है कि इस एप से हर रोज ज्यादा से ज्यादा महिलाएं जुड़ रही हैं। ग्लीडेन डॉट कॉम महिलाओं का एक ग्रुप चलाता है। ये एप महिला यूजर्स के लिए पूरी तरह निशुल्क है वहीं पुरुषों के लिए इसकी कीमत तय है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म पर आने वालों का आयु वर्ग 34 से 49 वर्ष तक का है। भारत में ज्यादातर वकील, डॉक्टर्स और वरिष्ठ कार्यकारी जैसे कई पेशे के लोग इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। ग्लीडेन का कहना है कि यह आपकी पहचान छिपाने की पूरी गारंटी देता है। इस प्लेटफॉर्म पर आने के लिए बच्चों की संख्या, वैवाहिक स्थिति, व्यवसाय, आय, अपना फिगर, बालों का रंग और लंबाई, आंखों का रंग और आदतें सहित कई दूसरी जानकारियां देनी पड़ती हैं।