सर्दी जुकाम से छुटकारा पाने का ये है देसी इलाज, पास भी नहीं भटकेगी बीमारी

आम धारणा है कि जुकाम का कोई इलाज न भी कराएं तो यह चार-पांच दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन यह तो हुई सुनी सुनाई बात। इसी बीच आज हम आपको सर्दी जुकाम से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं।

 सर्दी जुकाम से छुटकारा पाने का ये है देसी इलाज, पास भी नहीं भटकेगी बीमारी

सर्दी के मौसम में हर कोई गूगल पर जुकाम का इलाज (Cold Treatment) खोजने लगता है क्योंकि इन दिनों हर दूसरा शख्स खांसता, छींकता या सिरदर्द से परेशान दिखता है। आम धारणा है कि जुकाम का कोई इलाज न भी कराएं तो यह चार-पांच दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन यह तो हुई सुनी सुनाई बात। इसी बीच आज हम आपको सर्दी जुकाम से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं।

जुकाम का देसी इलाज

– जुकाम के दौरान जब आराम करें तो पीठ के बल फ्लैट न लेटें। इससे कंजेशन नाक से गले की ओर चला जाता है, जिससे गले में खराश और खांसी होने लगती है। लेटे हुए खांसी आना काफी असुविधाजनक होता है। ऐसे में आपको तकिए के सहारे सिर ऊंचा कर लेना चाहिए। इससे म्यूकस आसानी से निकल जाता है।

-यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन द्वारा किए अध्ययन की मानें तो हल्की एक्सरसाइज करते रहने वालों में जुकाम की समस्या कम होती है। यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार एक्सरसाइज से फेंफड़ों और श्वसन प्रणाली में मौजूद जर्म्स फ्लश आउट हो जाते हैं। -जुकाम के दौरान गर्म सूप, और रसम, जैसे नमकीन पेय का सेवन फायदेमंद होता है।

जुकाम में विटामिन सी लाभकारी होता है लेकिन इसे दवा के रूप में न लेकर प्राकृतिक स्रोत यानी फल-सब्जियों के माध्यम से लेना चाहिए। -जिंक हमारी म्यूकोसल लाइनिंग को स्ट्रॉन्ग करता है। जिंक रिच फूड का नियमित सेवन करने की आदत फायदेमंद होती है।

-जब भी जुकाम हो हाइजीन का ज्यादा से ज्यादा ध्यान रखें। भोजन करने से पहले साबुन से हाथ धोएं। रिमोट कंट्रोल, डोर नॉब और अन्य सरफेस कम से कम छुएं या उनकी सफाई का पूरा ध्यान रखें।

-नमक मिले, गुनगुने पानी से गरारे करना एक अच्छा उपाय है। इससे गले से तमाम नुकसानदायक बैक्टीरिया निकल जाते हैं। रेस्ट करना बेस्ट जुकाम की सबसे अच्छी दवा आराम करना है। जब शरीर वायरस से लड़ रहा होता है, तो दूसरा कोई काम करने के मूड में नहीं होता। अगर आप आराम नहीं करते हैं तो जुकाम आपकी सेहत को कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। इसका असर ब्रेन तक पर हो सकता है।