सुबह वर्कआउट करने का नहीं मिलता टाइम, तो रोजाना 10 मिनट निकालकर जरूर करें पश्चिम नमस्कार आसन

yogasana

लम्बे समय तक एक ही पोजिशन में बैठकर काम करने से आपकी मांसपेशियों में खिचांव आने के साथ आपको पीठ दर्द की समस्या आने लगती है। ऐसे में अगर आपके पास वर्कआउट करने का समय नहीं है, तो आप पश्चिम नमस्कार करके कई समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। आइए, जानते हैं कैसे करें पश्चिम नमस्कार आसन- 


कैसे करें पश्चिम नमस्कार आसन-
आप इस आसन को खड़े होकर या बैठकर भी कर सकते हैं। इसके लिए आप अपने दोनों हाथों को पीछे की तरफ ले जाएं और अपने दोनों हाथों को जोड़ते हुए प्रार्थना की अवस्था में आ जाएं। इस अवस्था में आप कम से कम 30 सेकंड तक ज़रूर रहें। इसके बाद इसे पुनः दो से तीन बार ज़रूर दोहराएं।


स्टेप वाइज समझें- 
ताड़ासन से प्रारम्भ करें।
अपने कंधो को ढीला रखे और अपने घुटनो को थोड़ा मोड़े।
अपनी भुजाओं को पीछे की ओर ले जाएँ और उँगलियों को नीचे की ओर रखते हुए अपनी हथेलियों को जोड़े।
सांस भरते हुए उँगलियों को रीढ़ की हड्डी की ओर मोड़ते हुए ऊपर करें।
ध्यान रखे कि आपकी हथेलिया एक दूसरे से अच्छे से सटी हुई और घुटने हल्का सा मुड़े हुए रहे।
इस आसन में रहते हुए कुछ साँसे लें।
सांस छोड़ते हुए उँगलियों को नीचे कि ओर ले आये।
भुजाओं को अपने सहज अवस्था में लें आये और ताड़ासन में आ जाएँ।

क्या है लाभ-
पेट को खोलता है जिससे गहरी साँसे लेना आसान होता है।
पीठ के ऊपरी हिस्से में खिचाव आता है।
कन्धों का जोड़ और छाती की मांसपेशियों में खिचाव लाता है।
मन को शांति मिलती है