हाथरस केस: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीड़ित परिवार को लगा झटका

उत्तर प्रदेश के हाथरस में कथित गैंगरेप और मर्डर मामलें में आज मंगलवार ( 27 अक्टूबर, 2020 ) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले में कहा कि मामला अभी यूपी से बाहर ट्रांसफर नहीं होगा और सीबीआई जांच की निगरानी इलाहाबाद हाईकोर्ट करेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीड़ित परिवार को झटका लगा है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस गैंगरेप कांड की कुछ याचिकाओं पर फैसला सुनाया, जिनमें हाथरस मामले की अदालत की निगरानी में जांच कराने और मामले को दिल्ली स्थानांतरित कराने का अनुरोध किया गया है। हाथरस में एक दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी थी।

चीफ जस्टिस एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने एक जनहित याचिका और कार्यकर्ताओं और वकीलों की ओर से दायर कई अन्य हस्तक्षेप याचिकाओं पर 15 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिकाओं में दलील दी गयी थी कि उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है, क्योंकि कथित तौर पर जांच बाधित की गयी। पीड़त परिवार की ओर से पेश वकील सीमा ने हाईकोर्ट को बताया था कि इस मामले में जांच पूरी होने के बाद सुनवाई को उत्तर प्रदेश के बाहर दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया जाए। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।