हिमाचल के होटल में बर्तन साफ करते मिला गुजराती करोड़पति का बेटा, आखिर क्यों छोड़ा घर?

हिमाचल प्रदेश में शिमला के एक होटल में गुजरात के एक करोड़पति परिवार का बेटा बर्तन साफ करने का काम कर रहा था। यह काम वह इसलिए कर रहा था ताकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं करनी पड़े। घरवाले उसे इंजीनियर बनाना चाहते थे, इसलिए वह घर छोड़कर भाग आया। उधर, घरवालों को जब बेटा नहीं मिला तो उन्होंने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। जिसके बाद से पुलिस उसे खोज रही थी। इसी बीच पुलिस को पता चला कि लड़का तो हिमाचल प्रदेश चला गया है। जिसके बाद परिजन बेटे को वापस लेने शिमला आए। तब वह अपने​ परिजनों के साथ गुजरात स्थित अपने घर लौटा।

चौंकाने वाली यह कहानी है गुजरात में वडोदरा के रहने वाले तेल व्यापारी के बेटे द्वारकेश ठक्कर (19) की। द्वारकेश ठक्कर इंजीनियरिंग कालेज में पढ़ाई करता है। बीते 14 अक्टूबर को वह घर से कॉलेज जाने के लिए निकला था। मगर, फिर नहीं लौटा। परिजनों को उसकी कोई भनक नहीं लगी। उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। थाने में बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। उधर, द्वारकेश ठक्कर चुपचाप हिमाचल प्रदेश आ गया।

हिमाचल प्रदेश में द्वारकेश ने शिमला के एक होटल बर्तन साफ करने का काम ढूंढ लिया। होटल मैनेजर को उसकी लाइफ स्टाइल देखकर शक हुआ। जिसके बाद होटल मैनेजर ने गुजरात पुलिस को फोन किया। पादरा पुलिस थाने में सिपाही ने कॉल रिसीव किया तो उन्हें द्वारकेश के बारे में पता चल गया। जिसके बाद पादरा पुलिस निरीक्षक एसए करमूर ने तुरंत ही शिमला में अपने परिवार के साथ छुट्टी मनाने गए सिपाही सना सिंह गोहिर और भूपेन्द्र सिंह महीड़ा से संपर्क किया। दोनों जने उसी होटल मैनेजर के पास पहुंच गए, जिसने गुजरात फोन किया था।

होटल मैनेजर ने जैसे ही युवक का आईडी कार्ड दिखाया, पुलिस ने पुष्ट कर ली कि द्वारकेश ठक्कर उसी के यहां काम करता है। मैनेजर को बताया गया कि द्वारकेश अपना घर छोड़कर भाग आया है। बाद में पुलिस ने द्वारकेश के घरवालों को सूचित कर दिया। तब द्वारकेश के घरवाले बेटे खोजते हुए वहीं, पहुंच गए जहां वह रह रहा था। उन्होंने देखा कि बेटा हाइवे पर सो रहा था। तब वे उसे वापस घर लेकर गए।