15 दिन के अंदर टेलिकॉम कंपनियां करेंगी ये बड़ा बदलाव, TRAI ने जारी की नई गाइडलाइन

TRAI ने टैरिफ को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है. इसमें कंपनियां टैरिफ से जुड़ी कोई भी जानकारी छिपा नहीं सकेंगी…जानें क्या होंगे बदलाव.

15 दिन के अंदर टेलिकॉम कंपनियां करेंगी ये बड़ा बदलाव, TRAI ने जारी की नई गाइडलाइन

 अब मोबाइल ग्राहकों (Mobile users) को उल्टे सीधे प्लान से छुटकारा मिलने वाला है.  TRAI ने टैरिफ को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है. इसमें कंपनियां टैरिफ से जुड़ी कोई भी जानकारी छिपा नहीं सकेंगी. इस गाइडलाइन के मुताबिक टैरिफ (Tariff) की साफ और सही जानकारी देना जरूरी होगा. TRAI का ऐसा करने का मकसद उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल प्लानों को लेकर पारदर्शिता लाना और उन्हें सोच-समझकर निर्णय लेने में मदद करना है.

मिली जानकारी के मुताबिक कंपनियों को 15 दिन में इन गाइडलाइंस को लागू करना होगा, जिसमें  कंपनियों को SMS,वॉयस कॉल, डेटा लिमिट बताना जरूरी होगा. साथ ही अब कंपनियों को वैलिडिटी और बिल डेडलाइन की जानकारी भी साफ-साफ देनी होगी. कंपनियों को अपने उपभोक्ताओं को लिमिट से ज्यादा यूज पर चार्ज बताना होगा.

स्पीड की जानकारी भी ज़रूरी
इतना ही नहीं उन्हें ग्राहकों की डेटा स्पीड की भी सही जानकारी देनी होगी. स्पेशल टैरिफ वाउचर की डिटेल भी जरूरी होगी. कंपनियों को अपनी वेबसाइट और POS पर सारी जानकारी  देनी होगी. ट्राई ने अपने दिशानिर्देशों में कहा, ‘ये देखा गया है कि दूरसंचार कंपनियों की मौजूदा प्रक्रियाएं उतनी पारदर्शी नहीं है, जितना उन्हें होना चाहिए. कुछ कंपनियां आमतौर पर अतिरिक्त नियम और शर्तों का प्रकाशन नहीं करती हैं. साथ ही कई बार विभिन्न प्लान के लिए एक ही वेब पेज पर सारे नियम शर्तें लिख देती हैं. ऐसे में यह जानकारी समझने में या तो ग्राहक सक्षम नहीं होते या जानकारियां कहीं खो जाती हैं.’

ट्राई ने कहा कि कंपनियों को अपने सेवा क्षेत्र में पोस्टपेड और प्रीपेड के हर टैरिफ प्लान की पूरी जानकारी, किसी ऑफर की संपूर्ण जानकारी, ग्राहक देखभाल केंद्रों, बिक्री केंद्रों, खुदरा केंद्रों, वेबसाइटों और ऐप पर देनी होगी.

इसके तहत कंपनियों को प्लान के तहत कितने मिनट की कॉल, कितने एसएमएस, डेटा और उनके शुल्क, सीमा के बाद लगने वाले शुल्क और सीमा के बाद डेटा की स्पीड एवं शुल्क की पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी.

इसके अलावा कंपनियों को पोस्टपेड ग्राहकों को उनके कनेक्शन शुल्क, जमा, अतिरिक्त किराये इत्यादि की जानकारी भी देनी होगी. विशेष टैरिफ वाउचर्स, कॉम्बो प्लान या एड-ऑन प्लान की जानकारी भी पारदर्शी तरीके से देनी होगी.