18 साल पहले शादी के लिए PAK से भारत आई थीं नीता, अब लड़ेंगी पंचायत का चुनाव

नीता को उनके ससुर ठाकुर लक्ष्मण करण ने पंचायत चुनाव के लिए गाइड किया है. वो जनरल सीट से चुनाव लड़ रही हैं, जो कि महिलाओ के लिए आरक्षित है.

साल 2001 में वह पाकिस्तान के सिंध से भारत आई. इस आशा के साथ कि यहां उसे अच्छी शिक्षा और एक अच्छा जीवन साथी मिलेगा. हम बात कर रहे हैं जोधपुर की नीता कंवर की.

18 साल पहले नीता जोधपुर आई थीं. 36 वर्षीय नीता को साल 2019 में भारत की नागरिकता मिली. पाकिस्तान से आई यह भारत की बेटी अब साक्षर है और किसी से हार मानने वालों में से नहीं है. अब नीता 17 जनवरी यानि आज होने वाले सरपंच चुनाव लड़ रही हैं. नीता टोंक जिले की नटवारा ग्राम पंचायत सीट से चुनावी मैदान में खड़ी हैं.

यह खबर ऐसे समय पर आई है, जब देश में नागरिकता कानून, नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है. टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले पर नीता ने कहा, “पिछले साल सितंबर में टोंक कलेक्टर ऑफिस से मुझे सिटिजनशिप मिली. सिटिजिनशिप के प्रोसेस को पूरा करने में मुझे तीन साल लग गए.”

इसके साथ ही नीता ने बताया कि उनके ससुर ठाकुर लक्ष्मण करण ने उन्हें पंचायत चुनाव के लिए गाइड किया है. वो जनरल सीट से चुनाव लड़ रही हैं, जो कि महिलाओ के लिए आरक्षित है. नीता ने कहा कि वो लैंगिक समानता, महिला सश्कितकरण, लड़कियों को बेहतर शिक्षा और मेडिकल सुविधा के लिए काम करना चाहती हैं.

उन्होंने बताया कि उन्हें अपने परिवार और गांव के लोगों से काफी समर्थन मिला है. बताते चलें कि नीता और उनकी बहन अंजना सिंध के मीरपुर-खास से भारत आई थीं. हालांकि उनके पिता स्वरूप सिंह और भाई राजवंत सिंह अभी भी पाकिस्तान के सिंध में ही रहते हैं, जहां पर वे खेती करते हैं.