23 अप्रैल तक विवाह एवं शुभ कार्यों पर लगा ब्रेक

23 अप्रैल तक विवाह एवं शुभ कार्यों पर लगा ब्रेक

 भीलवाड़ा । ग्रहों की चाल के कारण इस वर्ष विवाह मुहूर्त कम हैं। ज्योतिषविदों की मानें तो 11 दिसंबर के बाद अब 23 अप्रैल तक विवाह एंव शुभ कार्य नहीं हो पाएंगे। बीच में 16 फरवरी बसंत के दिन अबूझ मुहूर्त जरूर है, जिसमें विवाह संपन्न हो सकते हैं।

हिन्दू धर्म में विवाह मुहूर्त का बहुत महत्व है। इसे सात जन्मों का बंधन माना जाता है। शास्त्रानुसर यह एक मांगलिक पवित्र कार्य होता है। विवाह को शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि और विशेष नक्षत्र देखक ही संपन्न किया जाना चाहिए। धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद् पण्डित अरविंद के अनुसार 14 जनवरी 2021 मकर संक्रान्ति के बाद खरमास समाप्त होगा, परंतु गुरु और शुक्र ऐसे संयोग के साथ अस्त हो रहे हैं कि जनवरी से अप्रैल तक विवाह मुहूर्त नहीं हैं। इसके चलते 11 दिसंबर के बाद 23 अप्रैल तक विवाह आदि शुभ कार्य नहीं हो पाएंगे। 24 अप्रैल 2021 से विवाह मुहूर्त आरंभ होंगे।

16 दिसंबर को सूर्य धनुराशि में आने से खरमास आरंभ हो जाएगा, जो 14 जनवरी 2021 तक रहेगा। खरमास लगने के कारण शादी विवाह नहीं हो पाएंगे। इसके बाद 17 जनवरी को सांय 5.52 मिनट पर गुरु अस्त हो जाएंगे जो कि 14 फरवरी को रात्रि 11.46 मिनट पर उदय होंगे तथा 8 फरवरी को सांय 6.11 मिनट पर शुक्र अस्त हो जाएंगे। इस कारण विवाह आदि शुभ कार्य बाधित रहेंगे।इस दौरान 16 फरवरी को बसंत है। इस दिन अबूझ मुहूर्त के कारण विवाह संपन्न हो सकते हैं, लेकिन इस बार 8 फरवरी को शुक्र अस्त होने के कारण इसे अच्छा नहीं माना जा रहा। 18 अप्रैल 2021 को रात्रि 11.10 मिनट पर शुक्र उदय होंगे। शुक्रोदय के उपरांत 24 अप्रैल 2021 से शादी विवाह आदि शुभ कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। इस प्रकार चार माह की प्रतीक्षा के बाद फिर से शहनाइयों-बैंडबाजों की गूंज होगी।