5 भारतीय खिलाड़ी जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद ले सकते हैं संन्यास

5 भारतीय खिलाड़ी जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के बाद ले सकते हैं संन्यास 1

1 अगस्त 2019 को पहले एशेज़ टेस्ट के साथ शुरु हुई आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अब अपने आखिरी चरण में आ पहुंची हैं.  जीत प्रतिशत ज़्यादा होने के चलते ऑस्ट्रेलियाई टीम शीर्ष पर बनी हुई है. जबकि भारतीय टीम इस आईसीसी चैंपियनशिप की अंक तालिका में दूसरे नंबर पर है.

किसी भी क्रिकेटर के लिए क्रिकेट में एक ऐसा दौर ज़रूर आता है जब उसके शरीर की साइंस उसे क्रिकेट को छोड़कर ज़िंदगी में  आगे बढ़ने की इजाज़त देती है. इस लेख में हम बात करेंगे ऐसे ही 5 भारतीय क्रिकेटर्स के बारे में जो आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के बाद क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं.

मोहम्मद शमी

टेस्ट चैंपियनशिप

अमरोहा के 30 वर्षीय सीनियर तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी ने भारतीय टीम के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 6 जनवरी को पाकिस्तान के खिलाफ़ दिल्ली वन-डे से की थी. इसके बाद 6 नवंबर 2013 को शमी ने वैस्टइंडीज़ के खिलाफ़ कोलकाता टेस्ट में डेब्यू कर अपने टेस्ट करियर की  भी शुरुआत की.

अपने लगभग 8 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में शमी ने 50 टेस्ट, 79 वन-डे और 12 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं. इस दौरान टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 180 विकेट, वन-डे में 148 और टी20 में 12 विकेट चटकाए हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि पूरे करियर के दौरान चोटों से परेशान रहने वाले शमी आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के बाद क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर सकते हैं.

चेतेश्वर पुजारा

cheteshwar pujara

पूर्व भारतीय सीनियर कप्तान और महान बल्लेबाज़ राहुल द्रविड की नंबर 3 बल्लेबाज़ी की विरासत के उत्तराधिकारी के तौर पर पहचान बनाने वाले राजकोट के 32 वर्षीय सीनियर बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा भारतीय टीम के लिए अभी तक बेहद शानदार क्रिकेट डिलीवर की है. उन्होंने भारत के लिए कई अहम मौकों पर काफ़ी बेहतरीन पारियाँ खेली हैं.

सीमित ओवर से दूर रहे पुजारा ने 79 टेस्ट में 47.60 के शानदार बल्लेबाज़ी औसत से कुल 5903 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 18 शतक और 25 अर्धशतक बनाए हैं. संभावनाएं हैं कि 10 साल के टेस्ट करियर के बाद पुजारा भी टेस्ट चैंपियनशिप के बाद क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं.

रिद्धिमान साहा

wriddhiman saha

बंगाल के 36 वर्षीय बल्लेबाज़ विकेटकीपर बल्लेबाज़ रिद्धिमान साहा को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10 साल के करियर में उतनी पहचान नहीं मिली जिसका कहीं न कहीं ये सीनियर क्रिकेटर हक़दार था. 6 फ़रवरी 2010 को नागपुर टेस्ट में दक्षिण अफ़्रीक के खिलाफ़ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले साहा ने अभी तक केवल 38 टेस्ट,  9 वन-डे अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं.

इस दौरान उन्होंने बल्लेबाज़ी करते हुए टेस्ट में 29.09 की औसत से 1251 रन बनाए हैं. जिसमें साहा ने 3 शतक और 5 अर्धशतक बनाए हैं. विकेटकीपिंग में उन्होंने विकेट के पीछे 92 कैच और 11 स्टंप आउट किए हैं. टीम से लगातार अंदर-बाहर होने वाले विकेटकीपर-बल्लेबाज़ रिद्धिमान साहा का क्रिकेट करियर आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के बाद आगे बढ़ता हुआ नज़र नहीं आ रहा है.

इशांत शर्मा

ishant sharma

2008 के पर्थ टेस्ट में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग को डाले गए शानदार स्पेल के बाद दिल्ली का एक युवा गेंदबाज़ सुर्खियों में आया था. इसके बाद इशांत शर्मा ने त्रिकोणीय सीरीज़ में भी शानदार गेंदबाज़ी की थी. 25 मई 2007 को बांग्लादेश के खिलाफ़ अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले इशांत मौजूदा समय में टीम के एक सीनियर खिलाड़ी हैं.

अपने 13 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में दिल्ली के सीनियर गेंदबाज़ ने अभी तक 97 टेस्ट, 80 वन-डे और 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं. चोट के चलते ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ से बाहर होने के बाद 32 वर्षीय इशांत शर्मा भी टेस्ट चैंपियनशिप के बाद क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर सकते हैं.

शिखर धवन

शिखर धवन

दिल्ली के एक और सीनियर बल्लेबाज़ शिखर धवन के लिए भी अब क्रिकेट में ज़्यादा गुंज़ाइश नज़र नहीं आती है. अपने लगभग 16 साल के पेशेवर क्रिकेट करियर में धवन ने काफ़ी क्रिकेट खेली है. इस दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव भी देखे हैं. 2004 में अपने घरेलू क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले धवन को अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका 6 साल बाद 2010 में मिला.

अभी तक अपने 10 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में दिल्ली के 35 वर्षीय सीनियर सलामी बल्लेबाज़ ने 34 टेस्ट, 139 वन-डे और 64 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं.  पिछले 2 साल से  टेस्ट क्रिकेट से दूर रहे धवन का पिछले कुछ समय से ज़्यादा बेहतर प्रदर्शन नहीं रहा है. इस लिहाज़ से कहीं न कहीं ये माना जा रहा है कि आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के बाद वो भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलते हुए नज़र न आएं.