6 बार बदलने के बाद तिरंगा बना राष्ट्रीय ध्वज, देखिए देश के पिछले 5 झंडे कैसे दिखते थे

1) भारत का पहला झंडा: यह झंडा 7 अगस्त 1906 में कलकत्ता के पारसी बगान स्कवॉयर में ये पहला फहराया गया था। जिसमें बाद में बदलाव किया गया।
2) भारत का दूसरा झंडा: भारत का दूसरा झंडा सन 1907 में मैडम कामा और निर्वासित क्रांतिकारियों और उनके संगठन ने पेरिस में फहराया था। हालांकि यह ध्वज पहले झंडे से काफी मिलता जुलता था।
3) भारत का तीसरा झंडा: साल 1917 में होम रूल मूवमेंट के दौरान इस भारतीय झंडे को डॉ. एनी बेसेंट और लोकमान्य तिलक ने फहराया था। इस ध्वज पर ब्रिटिश साम्राज्य का झण्डा भी कोने में मौजूद था।
4) भारत का चौथा झंडा: भारत के इस चौथे झंडे को पिंगाली वेंकैया ने देश को एकजुट करने के लिए सन 1916 में बनाया था, इस झंडे में गांधी जी ने चरखे का चित्र बनवाया था, और इसे गांधी जी ने 1921 में फहराया था।
5) भारत का पाचवां झंडा: पांचवी बार बदलाव वाले इस तिरंगा झंडा को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी की बैठक में सन 1921 में राष्ट्रीय ध्वज के रूप में मान्यता दी गयी। हालांकि इसमें भी बाद में बदलाव कर दिया गया।
6) भारत का छठा और आखरी राष्ट्रीय ध्वज: सन 1921 में मान्यता प्राप्त भारत का पांचवां राष्ट्रीय ध्वज को ही थोड़े से बदलाव के बाद आजाद भारत के लिए संविधान सभा ने भारतीय झंडे के रूप में स्वीकार कर लिया। इसमें केवल चरखे की जगह अशोक चक्र को शामिल कर लिया गया, जो आज तक हमारा राष्ट्रीय ध्वज है।