75 साल के बुजुर्ग की दिल दहला देने वाली मौत, 48 घंटे तक लाश के ऊपर से गुजरती रही गाड़ियां

लाइट न होने के कारण शव किसी को नहीं दिखा और गाड़ियां उसके ऊपर से गुजरती चली गई.

75 साल के संपतलाल 3 दिन पहले चुरहट में अपनी बेटी से मिलने के लिए गए थे.पुलिस अब पता लगाने की कोशिश में है कि आखिर कौन सी गाड़ी ने संपतलाल को टक्कर मारी और उनकी एक्सीडेंट में मौत हो गई.एक्सीडेंट के बाद गाड़ी वाले ने किसी को खबर तक नहीं की.

रीवाःमध्य प्रदेश के रीवा में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. इसमें एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की किसी वाहन की टक्कर से शुक्रवार को सड़क पर मौत हो गई.

उसका शव घंटों वहीं पड़ा रहा और वाहन उसके ऊपर से लगातार आते-जाते रहे. अंत में लाश के नाम पर उसकी सिर्फ कुछ हड्डियां और कपड़ों के कुछ टुकड़े ही बचे. घटना का पता तब चला जब एक यात्री ने मृतक के कपड़े देखे और पुलिस को मामले की सूचना दी.

पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान मानव शरीर की हड्डियों के कुछ ही टुकड़े मिले. यह शव 75 वर्षीय संपतलाल का था. वह गुरु वार को चुरहट में अपनी बेटी से मिलने गए थे. उनके घर नहीं पहुंचने के एक दिन बाद परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

उनके अवशेषों की पहचान करने के लिए पुलिस ने परिवार को कपड़े दिखाए. यह कपड़े पुलिस ने हाईवे से बरामद किए थे. यह घटना जिस इलाके में हुई वहां अंधेरा था. रोशनी के लिए हाईवे पर कोई बिजली का खंभा नहीं था.

बेटों ने की मां के प्रेमी की हत्या कर किया अंतिम संस्कार

मध्य प्रदेश में भिंड जिले के मदनपुरा गांव में अवैध संबंधों के चलते एक शख्स की हत्या का मामला सामने आया है. महिला के दो बेटों ने अपने जीजा के साथ मिलकर श्यामलाल जाटव नामक शख्स को इतना पीटा की उसकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपियों ने उसे अपना पिता बताकर अंतिम संस्कार भी कर दिया.

दरअसल, बरोही थाना इलाके के मदनपुरा गांव में रहने वाले श्याम लाल जाटव का गांव के ही एक महिला से अवैध संबंध थे. इन्हीं अवैध संबंधों की वजह से 30 मई 2020 को महिला के बेटे लालू और ओमकार ने अपने जीजा गजेंद्र सिंह के साथ मिलकर श्यामलाल की बेरहमी से पिटाई कर दी. बाद में गंभीर रूप से घायल श्यामलाल को इलाज कराने के लिए ग्वालियर ले गए, जहां उसकी मौत हो गई.

आरोपियों ने ग्वालियर में ही श्याम लाल जाटव को अपना पिता बताते हुए उसका अंतिम संस्कार कर दिया. श्याम लाल घर में अकेला रहता था. इसलिए किसी को इस बात का मालूम भी नहीं चल सका. वहीं, आरोपियों के पिता की मौत 7 साल पहले हो चुकी है, लेकिन आरोपियों ने श्याम लाल को अपना पिता नाथूराम नरवरिया बताकर बरोही थाने में मर्ग कायम करवाया.

इस पूरे मामले में बरोही थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी रविंद्र तोमर की भूमिका भी संदेहपूर्ण रही. 9 महीने की जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ.पुलिस ने इस मामले में 11 लोगो पर प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए ओंमकार, लालू और गजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है.