COVID-19 India: कोरोना की पहली लहर में पहुंच गए 50 लाख केस तो दूसरी लहर में क्या होगा हाल

भारत में कोविड-19 (Coronavirus In India) से संक्रमितों की कुल संख्या 50,0000 के आंकड़े को पार कर चुकी है. देश में केवल 11 दिन के अंदर मामले 40 लाख से बढ़कर 50 लाख के पार चले गए हैं. बुधवार तक 39,42,360 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के बाद देश में कोविड-19 मरीजों के ठीक होने की दर 78.53 प्रतिशत हो गई है

COVID-19 India: कोरोना की पहली लहर में पहुंच गए 50 लाख केस तो दूसरी लहर में क्या होगा हाल

 कोरोना वायरस (Coronavirus In India) के बारे में यह किसी को नहीं पता कि इसमें पहली वेव (Wave) कब खत्म हुआ हुई और दूसरी अगर आएगी, तो कब आएगी? कोरोना वायरस (Corona Virus) के लिए बनी नेशनल टास्क फ़ोर्स के सदस्य और एम्स (AIIMS) दिल्ली के डायरेक्टर ने CNN नेटवर्क 18 देश के कुछ हिस्सों में कोरोना की दूसरी वेव आने की बात कही है.हालांकि बीमारी की लहर के बारे में कोई विशेष परिभाषा नहीं है. महामारी से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या और उसमें बढ़ोत्तरी के बाद गिरावट को लहर कहा गया है.

डॉक्टर गुलेरिया ने कहा ‘कुछ क्षेत्रों में कोविड 19 से लोग थक गए हैं. दिल्ली में आप लोगों को बिना मास्क देख सकते हैं. उन्हें बिना मास्क भीड़ में एकत्रित होते हुए देखा जा सकता है. लोग सुरक्षा उपाय करने से थक गए हैं’ यही कारण है कि कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या में वृद्धि हुई है.’

विज्ञापनडॉक्टर गुलेरिया ने यह भी कहा है कि ‘कुछ महीनों तक कोरोना संक्रमितों की संख्या में और वृद्धि होगी लेकिन बाद में इसमें गिरावट आएगी. लाखों की संख्या में इसमें गिरावट दिखेगी.’ जून में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा था कि ‘कोरोना वायरस की वेव वास्तविक जोखिम है क्योंकि वायरस अभी मौजूद है. हमें नहीं पता कि यह दूसरी वेव होगी या पहली वेव  ही जारी रहेगी.’

धीमी गति और स्थिर रूप से भारत में बढ़ेगा कोरोना!
हेल्थ इकोनॉमिस्ट रिजो एम जॉन कहते हैं ‘चीजें अच्छी रहने का अनुमान है. भारत अलग-अलग राज्यों से मिलकर बना एक बड़ा देश है. हम में से कई कोरोना के अलग-अलग चरणों में हैं. यह भी संभावना है कि भारत अपने केसों को लम्बे समय तक धीमी गति और स्थिर रूप से बढ़ते हुए देखेगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि वर्तमान में कई जगहों पर ज्यादा भार है लेकिन नई जगहों पर भी केस तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए एक देश के रूप में पीक के बारे में बात करने का कोई तुक नहीं बनता.’

कोरोना के लिए बनी नेशनल टास्क फ़ोर्स और महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर गिरिधर बाबू ने भी माना है कि ‘दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में पहली लहर खत्म नहीं हुई है. इसने लोअर मिनिमम आधार भी टच नहीं किया है. तकनीकी रूप से हम नहीं कह सकते कि दूसरी लहर आई है. यह भी निर्भर करता है कि आप डाटा को कैसे देखते हैं. मेरे नजरिये से यह पहली वेव है जो बनी हुई है. राज्य और क्षेत्रों में अलग-अलग समय में पीक देखने को मिल रहा है. यह संक्रमण की शुरुआत, जनसंख्या और मास्क के उपयोग के अस्थायी अंतर पर निर्भर करता है.’