Health Tips : कोरोना वायरस से है बचना तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

Steam therapy

घरेलू नुस्खे कोरोना नियंत्रण के लिए दवाइियों के रूप में काम कर रहे हैं। आखिर में अंतिम फैसला कहे जाने वाले चिकिस्ता विज्ञान अब इसी का सहारा लेता दिख रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए भाप लेना (स्टीम थेरेपी)अहम दवाई के तौर पर उपयोगी साबित हो रहा है। मुंबई के अस्पताल के डॉक्टरों ने तीन महीने के शोध के बाद इसका खुलासा किया है। स्टीम थेरेपी से कोविड संक्रमितों के उपचार में बेहतर परिणाम मिले हैं।

1 कुछ कोविड संक्रमितों पर स्टीम थेरेपी का प्रयोग
2 असिम्टमैटिक (बगैर किसी लक्षण) पॉजिटिव पीड़त दिन में तीन बार स्टीम थेरेपी करने से सिर्फ तीन दिन में स्वस्थ हो गए।
3 आम तौर पर घरेलू नुस्खा (डोमेस्टिक रेमिडी) होने के बावजूद कोविड के वक्त काफी उपयोगी साबित हो रहा है।
4 शोध में 105 कोरोना पीड़ितों को दो ग्रुप्स में बांटा गया।
5 पहले ग्रुप्स के बगैर लक्षणों वाले पीड़ितों को दिन में तीन बार स्टीम थेरेपी की गई तो सिर्फ तीन दिन में उन्हें ठीक हुआ।
कोरोना लक्षणों की तीव्रता वाले मरीजों को हर तीन घंटे में एक बार पांच-पांच मिनट तक स्टीम थेरेपी देने से उनका स्वास्थ्य सामन्य हो गया।
7 कुछ कैप्सुल, विक्स, अदरक जैसे कुछ चीजों से स्टीम थेरेपी कराई जा रही है।

इसलिए मिलती है भाप से राहत

जुकाम के वक्त भाप लेने से इसलिए राहत मिलती है क्योंकि ठीक प्रकार से सांस ना ले पाने के कारण हमारे शरीर में ऑक्सीजन उतनी मात्रा में नहीं पहुंच पाती, जितनी मात्रा हमारे शरीर को चाहिए होती है। इस कारण शरीर में भारीपन और ऊर्जा की कमी का अहसास होता है। जबकि भाप लेने का बाद श्वांस की नलियां खुल जाती है और ऑक्सीजन शरीर में जाने लगता है तो हमें राहत मिलती है। हालांकि यह राहत कुछ ही समय के लिए होती है।

ऐसी भांप से हो सकता है नुकसान

कोरोना वायरस अधिक तापमान में मर जाता है, इस विश्वास के कारण लोग बहुत तेज तापमान पर और बहुत देर तक भाप ले रहे हैं, जो कि शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है। खासतौर पर हमारे फेफड़ों के लिए। क्योंकि हमारे लंग्स शरीर में किसी गुब्बारे की तरह रिऐक्ट करते हैं, जो सांस लेने पर फूल जाते हैं और छोड़ने पर सिकुड़ जाते हैं। ये सॉफ्ट टिश्यू से बने होते हैं।

अधिक तापमान पर भाप लेने से हमारे चेहरे की त्वचा झुलस सकती है। साथ ही हमारे गले में अंदर की त्वचा के टिश्यूज बर्न हो सकते हैं, जिस कारण गले में सूजन की दिक्कत हो सकती है। इस कारण खाना खाने और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है, जिसका असर हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर सकता है। यानी जिस उद्देश्य के लिए हम भाप ले रहे थे, उसका उल्टा असर भी हो सकता है।