IND – AUS : इतिहास के वो सुलगते विवाद, जो आज भी नहीं भूला कोई खिलाड़ी

नई दिल्ली: टीम इंडिया (Team India) अभी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है और चार मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) के दो मुकाबले खेले जा चुके हैं. टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबर है और दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर है. जब ये दोनों टीमें आमने सामने होती हैं खेल का मैदान, जंग का मैदान बन जाता है और ये मामूली स्लेजिंग तक सिमित नहीं रहता. क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई मौके आए हैं जब इस दोनों के बीच विवाद काफी बढ़ गया था.1/4

भड़के थे अनिल कुंबले

anil kumble

2008 में टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुई मुकाबले क्रिकेट इतिहास के सबसे विवादित मैचों में से एक हैं. इस सीरीज में कई बार ये दोनों टीमें आपस में भिड़ती हुई नजर आई. अपनी घटिया अंपायरिंग और मंकीगेट विवाद की वजह से ये सीरीज जानी जाती है. इस दौरान भारतीय कप्तान अनिल कुंबले बेहद नाराज हुए थे और उन्होंने ये साफ कर दिया था कि मैदान पर सिर्फ एक टीम खेल की भावना के साथ खेल रही थी.   2/4

मंकीगेट विवाद

monkeygate controversy

2007-08 में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी. भारतीय टीम मेलबर्न में 337 रनों की हार के बाद सीरीज में 0-1 से पीछे थी और दूसरा मुकाबला सिडनी के मैदान पर खेला जा रहा था. उस मुकाबले में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलियाई टीम के ऊपर चढ़ कर खेल रही थी. तब हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) बल्लेबाजी कर रहे थे और एंड्र्यू सायमंड्स  (Andrew Symonds) के साथ भज्जी की बहस हो गई. जिसके बाद कप्तान रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) भड़क गए और भज्जी पर स्लेजिंग का नहीं रेसिज्म का गंभीर आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि हरभजन ने सायमंड्स को मैदान पर ‘मंकी’ यानि बंदर कहा है.

दिन का खेल खत्म होने के बाद सुनवाई आधी रात तक चली और हरभजन को दोषी ठहराते हुए तीन मैचों का बैन लगा दिया गया. मुकाबला ऑस्ट्रेलिया ने जीत लिया, लेकिन असली विवाद इसके बाद शुरू हुआ.

भारत के कप्तान अनिल कुंबले और पूरी टीम हरभजन सिंह का साथ दे रही थी और उन्होंने ये साफ कर दिया कि वो अगला मैच जब तक नहीं खेलेंगे, जब तक भज्जी पर लगाए गए नस्लभेदी टिप्पणी के आरोप वापस नहीं लिए जाते. मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद भज्जी पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया गया और कहा कि ‘हरभजन ने सायमंड्स को ‘मंकी’ नहीं बल्कि ‘तेरी मां की’ कहा था’. इस वजह से इस विवाद को मंकीगेट विवाद कहा जाता है.   3/4

गंभीर ने मारी थी वॉटसन को कोहनी

gambhir, watson

2008 में ऑस्ट्रेलिया की टीम भारत के दौरे पर थी, उस दौरान दिल्ली टेस्ट में कुछ ऐसा हुआ, जिससे बाद दोनों टीमों के बीच काफी खटास पैदा हो गई थी. मैच के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम स्लेजिंग कर रही थी. बल्लेबाजी पर गौतम गंभीर थे और वो अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाए और उन्होंने शेन वॉटसन को कोहनी मार दी. इस वजह से अंपायर ने गंभीर को अगले मैच के लिए बैन कर दिया था.   null4/4

विराट ने दिखाई थी मिडिल फिंगर

virat kohli middle finger

2011-12 में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी, उस दौरान विराट कोहली ने सीरीज के दूसरे टेस्ट में कुछ ऐसा किया, जिस वजह से उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. दरअसल मैच के दौरान उन्होंने दर्शकों को मिडिल फिंगर दिखाई, इस वजह से कोहली पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया गया. जिसके बाद विराट कोहली ने ट्वीट किया और लिखा, ‘मैं मानता हूं कि क्रिकेटरों को प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए. लेकिन जब दर्शक आपकी मां और बहन के बारे में बेहद ही भद्दी टिप्पणी करें, तब क्या?’