National Science Day 2020: छात्रों में विज्ञान-गणित का डर दूर करेंगे ये खास खिलौने

बिजली कैसे बनती है? हाइड्रोलिक्स क्रेन कैसे काम करती है? ये सारे मुश्किल सबक छात्र-छात्राएं अब खेल-खेल में सीख सकेंगे। आईआईटी-गांधीनगर के प्रोफेसर मनीष जैन ने इसके लिए इंजीनियरिंग, गणित और विज्ञान को सिखाने वाले करीब 500 साइंटिफिक खिलौने तैयार किए हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने अपने 938 स्कूलों के लिए ऐसे 200 खिलौनों से बने स्टेम किट ऑर्डर भी कर दिए हैं। जल्द ही केंद्रीय विद्यालयों में छात्र इन साइंटिफिक खिलौनों से पढ़ना शुरू कर देंगे।प्रो. मनीष जैन ने कहा कि फिलहाल बच्चों को विज्ञान एवं गणित जैसे रोचक विषय थ्योरी के रूप में पढ़ाए जाते हैं। इसमें बच्चे बहुत रूचि नहीं लेते हैं। कई बार उन्हें सिद्धांतों को समझने में भी दिक्कत होती है। इसलिए हमने विज्ञान के सिद्धांतों पर काम करने वाले पांच सौ से अधिक खिलौने बनाए हैं। इनके माध्यम से बच्चे समझ सकते हैं कि विज्ञान और गणित के समीकरण कैसे काम कर रहे हैं। ये खिलौने छठवीं कक्षा से लेकर पीएचडी कर रहे छात्रों के लिए भी कारगर हैं। प्रो. जैन ने कहा, हम आईआईटी गांधीनगर में थ्रीडी प्रिंटर के माध्यम से अब बड़ी संख्या में खिलौने तैयार कर रहे हैं।  कैसे-कैसे खिलौने
– चरखा, जिसके चलने पर बल्ब जलने लगता है।
– गाड़ी, जो सीधी चलने पर साइन वेव बनाती है।
– जोड़-घटाना, गुणा-भाग सिखाने वाला खिलौना।
– वैज्ञानिक सिद्धांत समझाने वाली हाइड्रोलिक क्रेन।केंद्रीय विद्यालय संगठन के कमिश्नर संतोष मल्ल ने बताया कि हमारे बच्चे विज्ञान एवं गणित को अच्छी तरह समझ सकें, इसके लिए आईआईटी-गांधीनगर से स्टेम किट खरीदी जा रही है। केंद्रीय विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से इनका उपयोग शुरू होगा।