Nerve Pain: प्लूरिपोटेंट स्टेम सेल से दूर हाेगा नसाें का दर्द- शाेध

Nerve Pain In Hindi: दुनियाभर में कई लोग नसों में होने वाले दर्द से परेशान देखे जा सकते हैं। और कई बार काफी इलाज के बाद भी इस दर्द से राहत नहीं मिलती। लेकिन आने वाले दिनों में आपको नसों के दर्द से पूरी तरह छुटकारा मिल सकता है, वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के। सिडनी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने चूहों में अत्यधिक दर्द से राहत के लिए मानव स्टेम कोशिकाओं का उपयोग किया है। अब, वे मानव परीक्षणों की ओर बढ़ रहे हैं।

चार्ल्स पर्किन्स सेंटर के वरिष्ठ शोधकर्ता, ग्रेग नेली ने कहा कि कई बार नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ने से वे क्षतिग्रस्त हो जाती है। उदाहरण के लिए, कार्पल टनल सिंड्रोम हाथों में माध्यिका तंत्रिका ( median nerve ) पर बहुत अधिक दबाव पड़ने से होता है। आप कल्पना कर सकते हैं, तंत्रिका चोट असहनीय न्यूरोपैथिक दर्द को जन्म दे सकती हैं। अधिकांश रोगियों में दर्द को दूर करने के लिए कोई प्रभावी उपचार भी नहीं हैं।

इसलिए, सिडनी विश्वविद्यालय में नेली और सहयोगियों ने एक प्रभावी चिकित्सा विकसित की। शोधकर्ता मानव स्टेम सेल का उपयोग करके दर्द-निवारक न्यूरॉन्स बनाने में सक्षम हुए हैं।

नेली ने कहा कि इस सफलता का मतलब है कि नर्व पेन से प्रभावित कुछ रोगियों के लिए, हम अपनी कोशिकाओं से दर्द-निवारक प्रत्यारोपण कर सकते हैं, जो दर्द को बंद कर सकती है।

अध्ययन में शोधकर्ताओं ने वयस्क रक्त के नमूनों से स्टेम सेल एकत्र किए। फिर, लैब में दर्द-निवारक कोशिकाओं को बनाने के लिए अस्थि मज्जा से मानव प्रेरित प्लूरिपोटेंट स्टेम सेल (IPSC) का उपयोग किया।

उपचार की प्रभावकारिता का परीक्षण करने के लिए, टीम ने गंभीर न्यूरोपैथिक दर्द से पीड़ित चूहों की रीढ़ की हड्डी में दर्द को खत्म करने वाले न्यूरॉन्स को इंजेक्ट किया। सामने आया कि इस उपचार से बिना किसी दुष्प्रभाव के चूहों को दर्द से पूरी राहत मिली।

सह-वरिष्ठ लेखक डॉ लेस्ली कैरन ने कहा कि इसका मतलब है कि प्रत्यारोपण चिकित्सा न्यूरोपैथिक दर्द के लिए एक प्रभावी और लंबे समय तक प्रभावी रहने वाला उपचार हो सकता है।

चूहों में हुए सफल उपचार के बाद, सिडनी विश्वविद्यालय की टीम सूअरों में अधिक व्यापक अध्ययन के लिए आगे बढ़ रही है। अगले पांच वर्षों के भीतर, वे उन मनुष्यों पर परीक्षण करेंगे जो पुराने दर्द से पीड़ित हैं।

शोधकर्ताओं ने कहा कि मनुष्यों में एक सफल परीक्षण बड़ी सफलता होगी। यह रोगियों के लिए नई गैर-ओपियोड, गैर-नशे की लत दर्द प्रबंधन रणनीतियों के विकास का संकेत दे सकता है।

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